राजस्थान की पंचायतों से शुरू होगा नशे के खिलाफ अभियान, नागौर बनेगा केंद्र

Rajasthan News: आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस है. इसे भले ही 24 अप्रैल 2010 को मान्यता दी गई हो लेकिन इसकी जरूरत कई वर्षों से थी. आज ही के दिन पंचायती राज कानून को संवैधानिक दर्जा मिला था. 24 अप्रैल 2010 को पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस या राष्ट्रीय स्थानीय सरकार दिवस मनाया गया था. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने स्थानीय स्वशासन दिवस के लिए इस राष्ट्रव्यापी उत्सव की शुरुआत की थी.

लेकिन राजस्थान से इसका पुराना नाता था, क्योंकि 2 अक्टूबर 1959 को महात्मा गांधी की जयंती पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने राजस्थान के नागौर पर दीप प्रज्ज्वलित कर पंचायतीराज व्यवस्था को लागू किया था. लेकिन राजस्थान में नागौर में नशे की लत तेज हो गई है. इसलिए इस दिवस पर नशे के खिलाफ काम करने वाले संजय कुमार का कहना है कि आने वाले दिनों में पूरे राजस्थान की पंचायतों में नशे के खिलाफ अभियान चलेगा.

पंचायतों में युवाओं को किया जा रहा है टारगेट

संजय कुमार पंचायतों के लोगों में नशा छोड़ने के प्रति जागरूकता अभियान चला रहे हैं. संजय कुमार बताते हैं कि आधुनिक तकनीक के विकास और पूंजीवाद के चकाचौध ने लोगों को एकाकी बना दिया है. उनका कहना है कि नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है. नशा समाज के लिए गंभीर और घातक है. इसे मिटाकर हम इस पीढ़ी को सुधार सकते हैं और अगली पीढ़ी को बचा सकते हैं. युवाओं को हम नशे से दूर रखकर प्रतिभाओं का भरपूर उपयोग कर सकते हैं. युवाओं को योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलेगा. इसकी शुरुआत ग्राम पंचायतों से होगी. जिस मुहीम में हम लगे हुए हैं, उससे बड़ा बदलाव आ रहा है. 

दरअसल, ड्रग्स से किसी की मां, किसी के पिता, किसी का बेटा तो किसी के भाई या सच कहें तो पूरा परिवार समाप्त हो जाता है. उनका कहना है कि नशा पंचायतों से शुरू होकर स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय तक पहुंच गया है.

इस अभियान को जम्मू में मिली है सफलता

पंचायतों में जाकर वहां की वस्तुस्थिति देखकर उन क्षेत्रों में नशा मुक्ति अभियान चला रहे हैं. युवाओं को नशा से दूर करने के लिए काम कर रहे हैं. इनका नशा मुक्ति अभियान जम्मू कश्मीर में चर्चा में रहा है. ‘यूथ फॉर ट्रांसफॉर्मेशन’ के तहत भ्रष्टाचार मुक्त, नशा मुक्त, हिंसामुक्त, जम्मू बनाने के लिए काम जारी है. पंचायत चुनावों में जागरूकता अभियान से नए नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. राजस्थान में अब नशा मुक्त अभियान चलाया जाएगा. इसकी शुरुआत नागौर जिले से की जाएगी. उसके बाद पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा.

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